ऊधमसिंह नगर: “कार्यवाही का डर दिखाकर लाखों की वसूली!” एक विभाग के कारनामों से मचा हड़कंप, दुकानदारों में दहशत
ख़बर पड़ताल ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
प्रदेश में जहां एक ओर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami लगातार “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऊधमसिंह नगर जनपद में एक विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगने से हड़कंप मचा हुआ है। आरोप है कि विभागीय टीम द्वारा दुकानदारों के यहां छापेमारी कर कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है और उसके बाद लाखों रुपये की कथित वसूली की मांग की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार बीते दिनों विभागीय अधिकारियों की टीम ने जनपद के कई विभागीय दुकानदारों पर अचानक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान कुछ कमियां और अनियमितताओं का हवाला देकर दुकानदारों को नोटिस और मुकदमे की धमकी दी गई। हालांकि प्रभावित दुकानदारों का दावा है कि उनकी दुकानों पर किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता नहीं पाई गई, फिर भी उन्हें लगातार विभागीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानदारों का आरोप है कि छापेमारी के बाद से विभागीय अधिकारियों और (एआरओ) इंस्पेक्टरों के माध्यम से उन्हें लगातार कार्यालय बुलाया जा रहा है। खुले तौर पर यह कहा जा रहा है कि “यदि मामला निपटाना है तो बात माननी पड़ेगी, नहीं तो बड़ी कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहो।” इतना ही नहीं, दुकानदारों को लाइसेंस निरस्तीकरण, भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल भेजने की धमकी भी दिए जाने के आरोप सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दुकानदारों से लाखों रुपये की मांग की गई है। दुकानदारों का कहना है कि उनसे कहा गया कि यदि तय रकम नहीं दी गई तो विभागीय मुकदमे दर्ज कर उनकी दुकानों को सस्पेंड कर दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दुकानदारों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। कई दुकानदार खुलकर सामने आने से भी डर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रभावित दुकानदारों का दावा है कि उनके पास ऐसे, वीडियो, ऑडियो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं जो विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। दुकानदारों का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे इन साक्ष्यों को सार्वजनिक करेंगे।
जनपद में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है तो फिर विभागीय स्तर पर इस प्रकार के आरोप क्यों सामने आ रहे हैं। विपक्षी दलों और दुकानदारो द्वारा भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ सकती है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही मामले का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन और शासन स्तर पर शिकायत करेंगे। दुकानदारों ने यह भी मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ भाषणों तक सीमित रह जाएगी, या फिर ऐसे आरोपों पर भी सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी।
ख़बर पड़ताल जल्द ही पूरे मामले का खुलासा संबंधित साक्ष्यों और तथ्यों के साथ करेगा। जुड़े रहिए हमारे साथ।
