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उधम सिंह नगर प्रशासन बड़े हादसे का कर रहा इंतज़ार? होटल और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल?

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उधम सिंह नगर प्रशासन बड़े हादसे का कर रहा इंतज़ार? होटल और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ख़बर पड़ताल ब्यूरो | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों, जिनमें अधिकांश छात्र-छात्राएं थे, की दर्दनाक मौत के बाद पूरे देश में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद कई राज्यों ने फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिए हैं।

लेकिन सवाल यह है कि क्या उधम सिंह नगर जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?

रुद्रपुर सहित जनपद के कई इलाकों में ऐसे कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं, जहां प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता है। आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग से कोई इमरजेंसी एग्जिट उपलब्ध नहीं है। कई होटल संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं, जहां दमकल वाहनों का पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई संस्थानों के पास न तो फायर सेफ्टी से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं हैं और न ही सभी आवश्यक विभागीय अनुमतियां, इसके बावजूद वहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र और ग्राहक पहुंचते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है।

लखनऊ हादसे के बाद अन्य राज्यों में भी कोचिंग सेंटरों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या उधम सिंह नगर प्रशासन भी ऐसी किसी दुर्घटना के बाद ही जागेगा, या समय रहते जिले के सभी कोचिंग सेंटरों, होटलों और व्यावसायिक भवनों का व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेगा?

ख़बर पड़ताल इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है। यदि किसी संस्थान में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं हो रहा है, तो संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।


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