सहकारिता विभाग में खेला! तबादले पर मेडिकल लीव, फिर प्रमोशन के साथ घर वापसी?
खबर पड़ताल ब्यूरो। सहकारिता विभाग में नियमों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि लंबे समय से मलाईदार पदों पर जमे कुछ कार्मिकों को शासन के निर्देश पर दूसरे जनपद भेजे जाने के बाद उन्होंने मेडिकल लीव का सहारा लिया और फिर कथित तौर पर सेटिंग के जरिए अपने गृह जनपद में वापसी कर ली। इतना ही नहीं, इस दौरान उन्हें प्रमोशन भी मिल गया।
ताजा मामला ऊधम सिंह नगर जिले से जुड़ा है, जहां मृतक आश्रित कोटे मे सहकारिता विभाग मे प्रतिभा गोयल की नियुक्ति राज्य पर्यवेक्षक के पद पर उधम सिंह नगर जनपद में हुई और उसके बाद उधम सिंह नगर जनपद में ही सहायक विकास अधिकारी सहकारिता के पद पर प्रमोशन हुआ जिसके बाद उधम सिंह नगर जनपद से चंपावत ट्रांसफर हुआ और प्रतिभा गोयल मेडिकल लीव पर चली गई। लेकिन कुछ समय बाद ही प्रतिभा गोयल अपर जिला सहकारी अधिकारी के पद पर प्रमोशन पाकर फिर उधम सिंह नगर जनपद में तैनाती लेकर आ गई।
हाल मे दक्षिणी किच्छा समिति की सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थी और अपर विकास अधिकारी (सहकारिता) पद पर संबद्ध प्रतिभा गोयल को लेकर विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इसके बाद, आरोप है कि नियमों को दरकिनार करते हुए पिथौरागढ़ से जिला मुख्यालय में ही संबद्ध रखा गया। यही नहीं, अटैचमेंट अवधि के दौरान उन्हें दक्षिणी किच्छा समिति के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले को लेकर विभाग में सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, नियमों के विपरीत किए गए इस अटैचमेंट की समीक्षा की जा रही है और इसे निरस्त करने की तैयारी भी चल रही है।
हालांकि, इस मामले में विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि संबंधित अधिकारियों या प्रतिभा गोयल का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
