कैंची धाम ड्यूटी में शराब और छेड़छाड़ का आरोप: SSP का बड़ा एक्शन, दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार
नैनीताल/भवाली। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस मेले की ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और महिला से अभद्रता के आरोप में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर दोनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
होमस्टे में रुकने के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कैंची धाम (Kainchi Dham) स्थापना दिवस मेले की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दो पुलिसकर्मी रात्रि विश्राम के लिए एक स्थानीय होमस्टे में ठहरे हुए थे। आरोप है कि दोनों ने वहां शराब का सेवन किया और नशे की हालत में होमस्टे संचालक के परिवार की एक युवती के साथ छेड़छाड़ की।
परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा विरोध करने पर कथित रूप से पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी गई।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एसएसपी के निर्देश पर सीओ, एसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दोनों पुलिसकर्मियों का मेडिकल परीक्षण और अल्कोहल टेस्ट कराया गया।
पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में दोनों के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
दर्ज हुई FIR, विभागीय जांच शुरू
पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर कोतवाली भवाली में दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस विभाग ने बताया कि:
• दोनों आरोपी पुलिसकर्मी पुलिस हिरासत में हैं।
• दोनों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
• जांच के आधार पर सेवा से बर्खास्तगी समेत कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
• संबंधित पुलिसकर्मियों के मूल जनपद के एसएसपी को भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी गई है।
SSP का सख्त संदेश
एसएसपी ने कहा,
“ड्यूटी के दौरान नशाखोरी, अनुशासनहीनता अथवा किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून सबके लिए समान है। यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की आड़ में अनुशासनहीनता या अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
