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सुलह-समझौते के बाद फिर आमने-सामने विधायक और मेयर! भाजपा संगठन के सामने हुई तीखी नोकझोंक की चर्चा?

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सुलह-समझौते के बाद फिर आमने-सामने विधायक और मेयर! भाजपा संगठन के सामने हुई तीखी नोकझोंक की चर्चा

 

ख़बर पड़ताल ब्यूरो । भाजपा में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व में हुए विवाद के बाद प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में विधायक शिव अरोड़ा और मेयर विकास शर्मा के बीच सुलह-समझौता कराकर पार्टी में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई थी, लेकिन अब जिला भाजपा कार्यालय में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच फिर तनातनी होने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में गर्म हैं। बताया जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में ही दोनों नेताओं के बीच कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।

 

दरअसल, आगामी 3 नवंबर से भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, भेड़तंत्र हटाओ यात्रा’ शुरू होने जा रही है। इसी कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर जिला भाजपा कार्यालय रुद्रपुर में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह और सुरेश कोली की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई थी।

 

बैठक के दौरान नगर निगम मेयर विकास शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि यात्रा का शुभारंभ रुद्रपुर के गांधी पार्क से किया जाए और समापन भी गांधी पार्क में ही हो। वहीं, विधायक शिव अरोड़ा ने अपनी ओर से सुझाव दिया कि यात्रा का शुभारंभ गांधी पार्क से हो, जबकि समापन गल्ला मंडी में किया जाए।

 

बताया जा रहा है कि जब गांधी पार्क से शुभारंभ और गांधी पार्क में ही समापन का प्रस्ताव तय होने की बात सामने आई तो विधायक शिव अरोड़ा ने इस पर नाराजगी जाहिर की। इसी मुद्दे को लेकर चर्चा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत कथित तौर पर गर्मागर्मी में बदल गई। हालांकि, बैठक में मौजूद पदाधिकारियों की ओर से मामले को संभालने की कोशिश की गई।

 

पहले भी मंच पर दिख चुके हैं तीखे तेवर

 

गौरतलब है कि विधायक और मेयर के बीच मतभेद की चर्चाएं कोई नई नहीं हैं। इससे पहले नगर निगम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में भी दोनों नेताओं के तेवर चर्चा का विषय बने थे। मंच से एक-दूसरे पर इशारों-इशारों में तीखे शब्दों से प्रहार किए जाने की चर्चाएं सामने आई थीं।

 

इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के चलते प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच सुलह कराई गई थी। माना जा रहा था कि इस पहल से पार्टी में एकजुटता का संदेश जाएगा और आपसी मतभेदों पर विराम लगेगा। लेकिन अब जिला कार्यालय की बैठक को लेकर सामने आ रही चर्चाओं ने एक बार फिर रुद्रपुर भाजपा की अंदरूनी राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है।

 

नेताओं ने विवाद से किया इनकार

 

पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं विधायक शिव अरोड़ा ने मामले को तूल न देने की बात कहते हुए ऐसी किसी घटना से इनकार किया।

 

दूसरी ओर विधायक शिव ने भी बैठक के दौरान हुई किसी भी बहस या नोकझोंक की घटना को सिरे से ख़ारिज कर दिया” उनका कहना है कि इस मामले को ज्यादा तूल ना दिया जाए।

 

तो वही मेयर विकास शर्मा ने भी किसी तरह के विवाद की बात को खारिज करते हुए कहा कि हम सभी एक परिवार की तरह हैं। विधायक उनके बड़े भाई हैं और कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर आपस में सलाह-मशविरा होता रहता है। कुछ लोग इस सामान्य चर्चा को बेवजह तूल देना चाहते हैं।

 

फिलहाल, विवाद की खबरों को दोनों नेताओं ने भले ही खारिज कर दिया हो, लेकिन जिला भाजपा कार्यालय में हुई बैठक के बाद रुद्रपुर की सियासत में एक बार फिर विधायक और मेयर के बीच कथित मतभेदों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यही है कि क्या भाजपा संगठन के भीतर सब कुछ सामान्य है या फिर सुलह-समझौते के बावजूद अंदरूनी खींचतान बरकरार है?