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बेटे को जिताने के लिए मां ने लिया Collage में Admission, बेटा भानू प्रताप चुना गया छात्रसंघ अध्यक्ष

हल्द्वानी/नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डीएसबी परिसर (नैनीताल) के छात्रसंघ चुनाव में इस बार एक अनोखा और भावुक इतिहास रचा गया। अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी भानू प्रताप सिंह चौहान ने एकतरफा मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) समर्थित प्रत्याशी शुभम कुमार को बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।

हालाँकि, इस चुनावी जंग में भानू की इस धमाकेदार जीत से ज्यादा चर्चा उनकी माँ बीना चौहान की लगन और अनोखी रणनीति की हो रही है।

बेटे की जीत के लिए मां बनी छात्रा, एमए में लिया दाखिला

बीना चौहान, जो कि हल्द्वानी नगर निगम के वार्ड नंबर-10 (मल्ली गोरखपुर) की पार्षद हैं, ने अपने बेटे को छात्रसंघ अध्यक्ष पद का ताज पहनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटे की चुनावी रणनीति को मजबूत करने और कॉलेज परिसर में सीधे पैठ बनाने के लिए उन्होंने डीएसबी परिसर में ही एमए (राजनीति विज्ञान) में एडमिशन लिया।

दाखिला लेने के बाद बीना चौहान ने सोशल मीडिया से लेकर कॉलेज कैंपस तक खुद प्रचार की कमान संभाली। वह रोजाना कैंपस पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद करतीं और भानू की प्राथमिकताओं को सामने रखतीं। विशेषकर छात्रा वर्ग के बीच उनके व्यक्तिगत संवाद और प्रयासों ने माहौल पूरी तरह भानू के पक्ष में मोड़ दिया।

“जब मैं पार्षद का चुनाव लड़ रही थी, तब मेरे बेटे ने दिन-रात एक कर मेरा साथ दिया था। आज जब उसे मेरी जरूरत थी, तो एक मां के तौर पर मैंने अपना फर्ज निभाया।”

— बीना चौहान, पार्षद एवं एमए छात्रा (डीएसबी परिसर)

वोट गणित: भानू को मिले 1355 वोट, प्रतिद्वंद्वी छू भी न सके आंकड़ा

अध्यक्ष पद के त्रिकोणीय मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी भानू प्रताप सिंह चौहान ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। मतगणना समाप्त होने पर भानू को कुल 1355 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के शुभम कुमार को 873 वोट ही प्राप्त हो सके। तीसरे प्रत्याशी हिमांशु आर्या को 283 वोट पर ही संतोष करना पड़ा।

प्रत्याशी का नाम संबद्धता/समर्थन प्राप्त वोट परिणाम
भानू प्रताप सिंह चौहान निर्दलीय 1,355 विजेता
शुभम कुमार एबीवीपी (ABVP) 873 पराजित
हिमांशु आर्या निर्दलीय 283 पराजित

‘बाहरी’ के आरोपों पर वोटों से दिया करारा जवाब

चुनाव प्रचार के दौरान विरोधियों ने भानू और उनकी मां बीना चौहान पर ‘बाहरी’ होने के आरोप लगाए थे। इस पर बीना चौहान ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कैंपस के छात्रों ने 1,355 वोट देकर ऐसे अनर्गल सवाल उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दे दिया है।

छात्रसंघ के अन्य प्रमुख पदों के परिणाम

डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव में अन्य पदों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहली बार छात्राओं के लिए आरक्षित पदों पर भी ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई:

  • महासचिव: कमल कार्की

  • छात्र उपाध्यक्ष: अभिषेक रैकुनी

  • छात्रा उपाध्यक्ष: कुमकुम जोशी

  • संयुक्त सचिव (आरक्षित): अनुष्का पुरी (छात्राओं के लिए पहली बार आरक्षित पद पर जीत)

  • कोषाध्यक्ष (आरक्षित): सृष्टि रावत

  • सांस्कृतिक सचिव: हर्षित जोशी

कैंपस में छाया मां-बेटे की जोड़ी का जलवा

डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी प्रत्याशी की मां ने खुद छात्र बनकर कैंपस में चुनाव प्रचार की कमान संभाली हो। परिणाम घोषित होते ही कैंपस में जश्न का माहौल बन गया। भानू प्रताप सिंह चौहान के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जीत का जश्न मनाया और इस सफलता का श्रेय मां बीना चौहान के समर्पण और छात्रों के अटूट विश्वास को दिया।