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*मुख्यमंत्री ने 1,100 अन्नपूर्णा भवनों का किया लोकार्पण…*

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संवेदनशील सरकार विकास भी करती है, लोगों को सुरक्षा भी देती है, उनके लिए समृद्धि का द्वार भी खोलती है और गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराती है। डबल इंजन की सरकार डबल स्पीड के साथ इसी लक्ष्य से कार्य कर रही है। आज 1,100 अन्नपूर्णा भवनों (माॅडल उचित दर दुकानों) का लोकार्पण हुआ है। शीघ्र ही इसे प्रदेश की सभी माॅडल उचित दर दुकानों के लिए लागू किया जाएगा। यह एक बहुत बड़ा कार्य है।

मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन सभागार में प्रदेश में 1,100 अन्नपूर्णा भवनों (माॅडल उचित दर दुकानों) का लोकार्पण तथा लगभग 79,000 उचित दर दुकानों पर ई-वेइंग स्केल लिंक्ड ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण का शुभारम्भ करने के उपरान्त इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने 10 उचित दर विक्रेताओं को अन्नपूर्णा भवनों की प्रतीकात्मक चाभी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कुछ लाभार्थियों को प्रतीक स्वरूप राशन किट प्रदान की। कार्यक्रम में खाद्य एवं रसद विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को जमीनी धरातल पर उतरते हुए देख रहे हैं। आज बिना किसी भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ हर नागरिक को मिल रहा है। यही सुशासन है। सुशासन का यही माॅडल रामराज्य की अवधारणा भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 04 वर्ष पूर्व दुनिया सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना से आतंकित और भयग्रस्त थी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह दुनिया के लिए चिन्ता का विषय था कि 140 से 142 करोड़ भारतवासियों का क्या होगा। 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश के लिए भी यही चिंता थी। उस दौरान प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में निःशुल्क टेस्ट, उपचार, वैक्सीन और राशन की सुविधा लोगों को उपलब्ध करायी गई। मुख्यमंत्री जी ने अगले 05 वर्षांे तक 80 करोड़ लोगों को पुनः निःशुल्क राशन सुविधा का लाभ दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश वही है, लोग वही हैं तथा सिस्टम भी वही है, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में कार्य संस्कृति बदली है। आज इसके परिणाम हमें देखने को मिल रहे हैं। यही परिवर्तन है। बदली हुई कार्य संस्कृति का लाभ हमें चरणबद्ध रूप से मिला है। पहले हर जरूरतमंद के राशन कार्ड बनाए गए। हर फेयर प्राइज शाॅप में ई-पाॅस मशीनें लगायी गईं। इन शाॅप को शासन के साथ एक व्यवस्था से जोड़ दिया गया। सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से एफ0सी0आई0 गोदामों से राशन को सीधे राशन कोटे की दुकानों में पहुंचाने के महत्वपूर्ण निर्णय को लागू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पूर्व राज्य में जरूरतमंदों को राशन मिलना एक चुनौती थी। उनके नाम पर दूसरे लोग राशन ले लेते थे। प्रदेश के कई जनपदों में भूख से मृत्यु भी होती थी। खाद्य एवं रसद विभाग ने तकनीक का उपयोग कर पहले ई-पाॅस मशीनें लगाकर तथा अब ई-वेईंग स्केल लिंक्ड ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से व्यापक रिफाॅर्म किए। इसका लाभ प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को प्राप्त हुआ है। प्रदेश में भुखमरी की समस्या का समाधान हुआ। वर्तमान में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से एफ0सी0आई0 गोदामों से राशन निर्धारित कोटे की दुकानों तक पहुंचा है या नहीं इसकी माॅनिटरिंग लखनऊ से ही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित किए गए अन्नपूर्णा भवन (माॅडल फेयर प्राइज शाॅप) एक ही स्थान पर रहेंगे। किसी कारणवश कोटेदार के बदलने पर लोगों को अपने राशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसका लाभ यह भी होगा कि लोगों को यहां से राशन वितरण के साथ ही, जेनेरिक दवाएं तथा घरेलू सामान कम दाम में मिलेगा। इन अन्नपूर्णा भवनों में राशन को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम भी रहेगा। इन भवनों में काॅमन सर्विस सेन्टर की सुविधा भी होगी, जहां से जन्म, मृत्यु, आयु, जाति सहित सभी प्रमाण पत्र एक जगह से बन जाएंगे। यह जरूरमंदों की सुविधा के लिए एक स्थान उपलब्ध कराने का एक नया मोदी माॅडल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश में मनरेगा में अनेक अनियमितताएं थीं। आज ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा योजना से अन्नपूर्णा भवन बनाए हैं, जहां एक साथ कई प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। इससे गांवों में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। ग्राम्य विकास विभाग और खाद्य रसद विभाग द्वारा यह कार्य मिलकर आगे बढ़ाया गया है। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी धरातल पर उतारने का काम हो रहा है। इसका लाभ प्रदेश की जनता को होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीघ्र ही कुछ बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। हर राशन कार्ड की आधार सीडिंग का कार्य चल रहा है। हाल ही में मोदी की गारन्टी वैन के माध्यम से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ गांव-गांव गई थी। इसका उद्देश्य सेचुरेशन के लक्ष्य को प्राप्त करना था। जिन व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिला था, उन्हें इसका लाभ दिलाने के लिए एक मैकेनिज्म बनाया गया। हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, हर नौजवान को रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यक्रम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश में हर व्यक्ति की फैमिली आई0डी0 तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व से जुड़े कार्यों के डिजिटाइजेशन की कार्यवाही अपने अन्तिम चरण में है। लोगों को अपनी जमीनों के कागज देखने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही जगह बैठकर जमीन के कागजों की नकल निकाली जा सकेगी। इस प्रक्रिया को अगले चरण में वरासत तथा नामान्तरण के साथ जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने पहले ही स्वामित्व योजना के माध्यम से गांव में जिसका जहां घर है, उस जमीन का मालिकाना अधिकार उसे दिया है। इसके साथ ही, सरकार एक बड़ा कदम और उठाने जा रही है। तकनीक के माध्यम से विवाद समाप्त करने की दिशा में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ा है। इससे हर गरीब को लाभ होगा। पैमाइश की समस्या के समाधान के लिए अब जमीनों के कोआॅर्डिनेट तय हो जाएंगे। इससे कोई जमीन का घपला नहीं कर पाएगा। अब जरीब को इधर-उधर करने की जरूरत नहीं होगी। एक ही जगह बैठकर यह तय हो जाएगा कि किसकी कितनी जमीन है और कहां पर हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू किए गए सभी कार्यों को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सबसे पहले जमीनी धरातल पर उतारता है। आज उत्तर प्रदेश अनेक केन्द्रीय योजनाओं में प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सफलता की नई ऊंचाईयांे पर पहुंचा है। पहले मनरेगा का मतलब भ्रष्टाचार होता था। आज मनरेगा से माॅडल उचित दर दुकानों का निर्माण हो रहा है। इन दुकानों से अनेक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।

खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिफार्म, परफाॅर्म तथा ट्रांसफार्म के मंत्र से समाज में परिवर्तन की ज्योति जलायी है। यह उत्तर प्रदेश को जगमग कर रही है। मुख्यमंत्री के दृढ़संकल्प से आज राशन वितरण प्रणाली को अत्याधुनिक बनाने के कार्य का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में सभी लाभार्थियों को उनके अधिकार की प्राप्ति सुनिश्चित की जा रही है।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद आलोक कुमार, खाद्य आयुक्त सौरभ बाबू सहित वरिष्ठ अधिकारी, उचित दर विक्रेता तथा लाभार्थी उपस्थित थे।


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