Rahul Gandhi का पीए बनकर 25 लाख की ठगी, बड़े नेता भी आए झांसे में
ख़बर पड़ताल ब्यूरो :- उत्तराखंड की राजधानी Dehradun के राजपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक शातिर आरोपी ने खुद को कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का निजी सहायक (PA) बताकर एक महिला से करीब 25 लाख रुपये ठग लिए।
कैसे रचा गया पूरा खेल
पीड़िता भावना पांडेय के अनुसार, आरोपी ने “कनिष्क” नाम से फोन कर संपर्क किया और खुद को राहुल गांधी का करीबी बताते हुए राजनीतिक पहुंच का दावा किया। आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए कथित तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की आवाज भी फोन पर सुनाई।
जिन नेताओं के नाम का इस्तेमाल किया गया, उनमें Harish Rawat, Harak Singh Rawat, Pritam Singh और Yashpal Arya शामिल बताए जा रहे हैं।
टिकट दिलाने के नाम पर वसूली
आरोपी ने दावा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दिलवा सकता है। इसके लिए “सर्वे” और “राजनीतिक खर्च” का हवाला देकर पैसे मांगे गए।
पीड़िता ने:
₹9.5 लाख बैंक ट्रांसफर किए
₹5 लाख नकद दिए
बाकी रकम अलग-अलग किश्तों में दी
कुल मिलाकर आरोपी ने लगभग ₹25 लाख की ठगी कर ली।
ऐसे खुला पूरा मामला
जब लंबे समय तक कोई राजनीतिक लाभ या टिकट नहीं मिला, तब पीड़िता को शक हुआ और उसने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई
देहरादून पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए एक आरोपी गौरव को गिरफ्तार कर लिया है।
अन्य तीन आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी सिटी देहरादून प्रमोद कुमार के अनुसार, जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ एक महिला ही नहीं, बल्कि कई राज्यों के राजनीतिक लोगों को निशाना बना चुका है।
क्यों संवेदनशील है मामला
1. बड़े नेताओं के नाम का दुरुपयोग
देश और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की आवाज और नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया गया।
2. टिकट दिलाने का झांसा
“पैसे देकर टिकट” जैसे दावे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं।
3. पार्टी की छवि पर असर
इस तरह की घटनाएं Indian National Congress जैसी बड़ी पार्टी की साख को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि राजनीतिक ब्रांड और भरोसे के दुरुपयोग का उदाहरण है। एक तरफ पुलिस इसे संगठित अपराध मानकर जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह घटना राजनीतिक सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
