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*haldwani हिंसा मामले में मुस्लिम धर्म गुरुओं पर भड़की डीएम वंदना, बोलीं- “बवाल के समय फोन किया स्विच ऑफ, सहयोग करते तो नहीं बिगड़ते हालात..”*

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नैनीताल डीएम वंदना सिंह हल्द्वानी हिंसा मामले पर मुस्लिम धर्म गुरुओं पर भड़की. डीएम ने कहा बवाल के समय मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अपने फोन स्विच ऑफ कर दिये थे. अगर मुस्लिम धर्म गुरु सहयोग करते तो आज ये नौबत नहीं आती. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मुस्लिम धर्म गुरुओं के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया..

आपको बता दें की 8 फरवरी गुरुवार को हल्द्वानी में हुई हिंसा के बाद हल्द्वानी की स्थिति धीरे धीरे सामान्य हो रही है. बनफूलपुरा क्षेत्र में अभी भी कर्फ्यू जारी है. इस बीच जिला प्रशासन ने अमन चैन कमेटी के तहत मुस्लिम धर्म गुरुओं को हल्द्वानी नगर निगम में बैठक बुलाई. जिसमें हालात पर चर्चा की गई. इस दौरान मुस्लिम धर्म गुरु ने जिला प्रशासन पर बिना मुस्लिम धर्म गुरुओं के सामंजस्य के जिला प्रशासन अतिक्रमण तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा जिला प्रशासन को इसे लेकर मुस्लिम धर्म गुरुओं से वार्ता की जानी चाहिए थी. इसके बाद जिला अधिकारी नैनीताल वंदना सिंह मुस्लिम धर्म गुरुओं को नसीहत दी।

जिला अधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने कहा सरकारी भूमि पर मस्जिद और मदरसा बनाया गया था जो पूरी तरह से गलत था. सरकार उस भूमि को खाली करना चाहती हैं. एक तारीख को नोटिस जारी कर मदरसा और नमाज स्थल को खाली करने के निर्देश भी दिए गए. इसको लेकर धर्म गुरुओं के साथ बैठक भी हो चुकी है. सभी धर्म गुरुओं को इसे लेकर जानकारी थी. उन्होंने कहा मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से जो आरोप लगाये जा रहे हैं वो पूरी तरह से गलत हैं. इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा जिस समय बनभूलपुरा क्षेत्र में उपद्रव शुरू हुआ उस समय मुस्लिम धर्मगुरु से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन तब सभी मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अपने-अपने मोबाइल बंद कर दिये थे. अगर मुस्लिम धर्मगुरु उस समय पुलिस प्रशासन का सहयोग करते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती. उन्होंने कहा घटना के दौरान जिला प्रशासन के लोग शांति बनाए रखने की अपील के लिए धर्म गुरुओं से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन धर्मगुरुओं ने फोन स्वीच ऑफ कर लिये थे।

जिला अधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने कहा जिस समय मदरसे को सील किया गया था उस समय धर्म गुरुओं की सहमति से सील किया गया. कुछ लोगों ने सील खोलने के लिए साजिश रची. महिलाओं को आगे कर जिला प्रशासन पर दबाव भी बनाया गया. सभी धर्म गुरुओं को पता था कि सरकारी जमीन पर बने धार्मिक स्थल को हटाना है. उसके बाद भी ऐसी नौबत आई. उन्होंने कहा पुलिस पर अवैध तमंचे से फायर किया गया. मुस्लिम समुदाय के परिवारों के यहां अवैध हथियार पाए गए. तब धर्मगुरुओं ने पुलिस का सहयोग क्यों नहीं किया. अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके पास हथियार हैं. डीएम ने कहा आप लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस दरवाजा तोड़कर घरों के अंदर जा बेगुनाहों को परेशान कर रही है, अगर मुस्लिम धर्मगुरु सहयोग करें तो पुलिस को ऐसी नौबत ही नहीं आएगी. जिलाधिकारी ने कहा बनभूलपुरा के हालात अभी भी सामान्य नहीं है. जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक कर्फ्यू में किसी तरह की कोई राहत नहीं दी जाएगी.कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की जा रही है. समय और परिस्थितियों के अनुसार कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।


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