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*”विदेश भेजने के नाम पर ठगी” पिता ने बेटे को विदेश भेजने के लिए जमीन और ट्रैक्टर रखा गिरवी, कबूतरबाजों ने लगा दिया लाखों का चूना; मुकदमा दर्ज…*

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Uttarakhand” के ऊधम सिंह नगर में ही नहीं सिर्फ विदेश भेजने के नाम पर ही ठगी जाल बिछा है, बल्कि ये पूरे देश में फैला और विदेश में नौकरी और पढ़ाई का सपना देख रहे युवक इसका शिकार सबसे पहले होते हैं, ऐसा ही एक मामला यूपी के पीलीभीत से सामने आया है…

 

रिपोर्ट: साक्षी सक्सेना 

आपको बता दें की Uttar Pradesh” के पीलीभीत के पूरनपुर में ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर गांव लालपुर ताल्लुके माधोटांडा निवासी राममिलन से 18 लाख रुपये ठग लिए गए। उन्हें फर्जी वीजा थमा दिया गया। लिहाजा उन्हें एयरपोर्ट से लौटा दिया गया। जब उन्होंने आरोपी से रुपये वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने सीओ कार्यालय में शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

राममिलन ने बताया कि गांव सकरिया के कुछ लोग नगर की सुपर मार्केट में आईलेट सेंटर खोलकर लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। इन लोगों ने उन्हें भी स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही। इस पर राममिलन ने जमीन और ट्रैक्टर गिरवीं रखकर आरोपियों को 18 लाख रुपये दे दिए। बाद मेंं आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा न मिलने की बात कहकर कनाड़ा के वीजा के लिए आवेदन करा दिया। इसके बाद 31 दिसंबर को उसे इंग्लैंड का फर्जी वीजा दे दिया।

इंग्लैंड जाने पर उसे तुर्की से वीजा फर्जी होने की जानकारी देकर लौटा दिया गया। फर्जी वीजा देने पर उसके और उसके पिता ने पंचायत कराई। तब आरोपियों ने अपनी गलती मानते हुए सही वीजा दिलाने का आश्वासन दिया। मगर इसके बाद उसे विदेश नहीं भेजा गया। रुपये वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। राममिलन ने सीओ कार्यालय में शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने पर छह नामजद

कलीनगर। विदेश भेजने के नाम पर 3.87 लाख रुपये हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। माधोटांडा क्षेत्र के गांव बसंतपुर नौनेर निवासी महेंद्र कुमार ने कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र देकर बताया कि गांव के ही हीरालाल का रिश्तेदार खटीमा क्षेत्र के गांव सिसैडया बंधा निवासी पंचदेव का उनके घर आना-जाना था। कुछ समय बाद उसने पुत्र को विदेश में अच्छे रुपये कमाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने 1,87 लाख रुपये अपने रिश्तेदार इंदल प्रसाद के पुत्र विशाल के बैंक के खाता में डलवा लिए। पुत्र का पासपोर्ट भी दे दिया। कुछ समय बाद दो लाख रुपये घर आकर ले गए। पांच माह बाद वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद महेंद्र ने कोर्ट में शिकायत की। एसओ अचल कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पंचदेव, विशाल, आकाश, सीताराम, राजेंद्र और संजय के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।


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