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*कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा का अजीबो-गरीब बयान, बोले- “भारत रत्न तो मरे हुए को दिया जाता है..”*

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राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने को लेकर विवादित टिप्पणी की. राजस्थान के नागौर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत रत्न तो मरे हुए को दिया जाता है..भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद विपक्ष बंटा हुआ नजर आ रहा है. एक ओर शिवसेना और शरद पवार ने इस निर्णय का स्वागत किया है तो वहीं कांग्रेस पार्टी के नेता और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. राजस्थान दौरे पर पहुंचे सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि भारत रत्न तो मरे हुए लोगों को दिया जाता है।

दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी क्रम में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली नागौर दौरे पर पहुंचे. उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा ने यह बयान दिया. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि, “भाजपा और आरएसएस के लोग कहते हैं कि हमने देश को आजाद करवाया. आज पीएम मोदी हमको सिखा रहे हैं कि देशभक्ति कहां से आई, देशभक्ति तो हमारे खून में है”।

गुजरात के सरदार पटेल ने RSS पर बैन लगाया

सुखजिंदर सिंह रंधावा यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि आरएसएस वाले गलत प्रचार करते हैं. उस समय ये लोग एक-एक पर्ची लेकर गांव-गांव घूमते थे कि हमें देश को आजाद करवाना है. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि आरएसएस के ऊपर बैन किसने लगाया था? गुजरात के सरदार पटेल ने लगाया था. उन्होंने कहा था कि ये देश विरोधी संगठन है. वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने को लेकर भी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने टिप्पणी की. रंधावा ने कहा कि अगर इनको इतना ही राम मंदिर का था तो लाल कृष्ण आडवाणी को साथ लेकर जाते, जिन्होंने राम मंदिर के लिए रथयात्रा की शुरुआत की थी।

वाहेगुरु, राम और रहीम सब एक हैं’

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि ये लोग बात करते हैं कि आंतकवाद आ जाsगा. अब जब आंतकवाद पंजाब में है ही नहीं तो अब कहते हैं कि कनाडा से आ रहा है, वहां से आ रहा है. हमारे तो गुरु ग्रंथ साहिब में राम और अल्लाह का नाम कई बार आया है. राम तो हमारे और हिंदुस्तान के दिल और जुबान में हैं. वाहेगुरु, राम और रहीम सब एक हैं. फिर ये राम को अलग कैसे कर रहे हैं. ये देश को बांटने की बात कर रहे हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था. 2014 की मोदी लहर में तो कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट को भी हार का सामना करना पड़ा था. भारतीय जनता पार्टी ने दोनों चुनावों में यहां की सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. आपको बता दें कि राजस्थान में लोक सभा की 25 सीटें हैं।


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