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*Crime News” बीजेपी विधायक ने अपने ही समर्थक दल शिव सेना शिंदे गुट के नेता पर चलाई गोली, गिरफ्तार; पढ़िए पूरा मामला…*

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने थाने में गोली चलाने के आरोप में बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है. ठाणे जिले के एक पुलिस थाने के परिसर में शुक्रवार देर रात हुई गोलीबारी में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का एक स्थानीय नेता घायल हो गया था….

राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक ने अपने ही समर्थक दल के नेता के नेता पर गोली चला दी. घायल नेता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की जांच की जा रही है. वहीं, पुलिस ने बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड ने शुक्रवार रात थाने में शिव सेना शिंदे गुट के नेता महेश गायकवाड पर गोली चला दी. इस घटना में घायल महेश गायकवाड़ का अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह घटना हिल लाइन पुलिस स्टेशन की है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि महेश गायकवाड़ और उनके एक समर्थक को पांच गोलियां लगीं।

महेश गायकवाड गंभीर रूप से घायल: बताया जाता है कि शुक्रवार को हिल लाइन पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल जगताप के हॉल में भाजपा विधायक गणपत गायकवाड और शिंदे गुट के शहर प्रमुख महेश गायकवाड के बीच चर्चा चल रही थी. इसी दौरान गणपत गायकवाड़ के समर्थकों ने अचानक हाथापाई शुरू कर दी और महेश गायकवाड़ पर फायरिंग कर दी. इस घटना में महेश गायकवाड़ गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका इलाज ठाणे के ज्यूपिटर अस्पताल में चल रहा है।

एमएलए गणपत ने कहा कि पुलिस के सामने मुझ पर हमला किया गया. आत्मरक्षा में यह कदम उठाया. साथ ही विधायक गणपत गायकवाड ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए. आरोप लगाते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे ने राज्य में ऐसे अपराधियों को संरक्षण प्रदान किया हुआ है. वह महाराष्ट्र में अपराधियों का साम्राज्य स्थापित करने का काम कर रहे हैं. उनके मुख्यमंत्री रहने पर राज्य में अपराधी ही पैदा होंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे ने हम जैसे अच्छे आदमी को आज अपराधी बना दिया है।

घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश: डिप्टी सीएम देवेन्द्र फड़णवीस ने उल्हासनगर के बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ फायरिंग घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं. इस मामले पर विपक्ष ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।


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