उत्तराखंड: सरकारी भूमि पर बना मदरसा-मस्जिद ढहाया, 60 से अधिक निर्माणों पर चली प्रशासन की कार्रवाई
ख़बर पड़ताल ब्यूरो। शक्ति नहर किनारे सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई जारी है। लगभग 11 हेक्टेयर ऊर्जा विभाग की भूमि पर पिछले कई वर्षों से 111 परिवारों द्वारा अवैध निर्माण किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।
रविवार को ऊर्जा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया और करीब 60 अवैध भवनों को ध्वस्त किया।
मदरसा-मस्जिद को भी हटाया गया
अभियान के दौरान सरकारी भूमि पर बने एक बड़े मदरसे को भी ध्वस्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में संबंधित कमेटी को स्वयं निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था, परंतु लंबे समय तक कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने यह कदम उठाया।
टीम का कहना है कि मदरसे के ऊपर हाल ही में ऊँची मीनारें बनाकर इसे मस्जिद जैसा स्वरूप दिया जा रहा था।
स्थानीय लोगों का विरोध, पुलिस ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्रों से लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और उन्होंने कार्यवाही पर आपत्ति जताने की कोशिश की।
पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए किसी भी तरह की बाधा को नाकाम कर दिया, जिसके बाद अभियान शांतिपूर्वक आगे बढ़ाया गया।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
करीब दो वर्ष पहले भी धामी सरकार ने डाकपत्थर से ढकरानी तक शक्ति नहर के दोनों ओर बने सैकड़ों अवैध निर्माणों को हटाया था।
सरकार अब इस क्षेत्र में निवेशकों के लिए सोलर प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रही है।
SDM का बयान
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।
<span;>> “क्षेत्र में जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, उसे हटाया जाएगा।
नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं और पर्याप्त समय दिया गया था। अब नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

