
रुद्रपुर की नामी राइस मिल पर सरकारी धान घपले का आरोप, 98 लाख की रिकवरी नहीं देने पर मुकदमा दर्ज।
रिपोर्ट: राजीव चावला/ एडिटर
रुद्रपुर। शहर के नामी-गिरामी राइस मिलर्स पर सरकारी धान में बड़े घपले का मामला सामने आया है। सरकारी योजना के तहत मिले धान की कुटाई कर चावल राजकीय गोदाम में जमा न कराने और लाखों रुपये की रिकवरी न देने पर कोतवाली पुलिस ने राइस मिल के दो निदेशकों समेत एक लेखाकार के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रबंधक कोआपरेटिव की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, उत्तराखंड प्रादेशिक कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड देहरादून द्वारा धान खरीद वर्ष 2023-24 के तहत संचालित क्रय केंद्रों से 4462 कुंटल सरकारी धान कुटाई के लिए स्वास्तिक राइस मिल प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम बिदुखेड़ा दानपुर रोड को अधिकृत किया गया था।
नियमों के अनुसार राइस मिल को 67 प्रतिशत रिकवरी के साथ सरकारी चावल राजकीय गोदाम में जमा करना था, लेकिन 15 सितंबर 2024 को महज 178.20 कुंटल चावल ही गोदाम में जमा किया गया, जबकि 2811.34 कुंटल सरकारी चावल अब तक जमा नहीं किया गया।
बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब राइस मिलर्स ने न तो शेष चावल जमा किया और न ही भुगतान किया, तो विभाग की ओर से 98 लाख 47 हजार रुपये की रिकवरी का नोटिस भेजा गया। यहां तक कि अधिवक्ता नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
वीओ 4:
आरोप है कि स्वास्तिक राइस मिल के निदेशक पुरुषोत्तम अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल और कंपनी के लेखाकार राजेंद्र सिंह लगातार टालमटोल करते रहे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक कोआपरेटिव की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सरकारी योजना में गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
