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एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में स्पा सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई छापेमारी से पहले कैसे लीक हो गई सूचना? उधम सिंह नगर में पुलिस सिस्टम के भीतर ‘विभीषण’ की तलाश

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एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में स्पा सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई

छापेमारी से पहले कैसे लीक हो गई सूचना?
उधम सिंह नगर में पुलिस सिस्टम के भीतर ‘विभीषण’ की तलाश

ख़बर पड़ताल | देवभूमि उत्तराखंड—जिसे देश-दुनिया संस्कार, संस्कृति और शांति की भूमि के रूप में जानती है—आज उसी धरती पर स्पा सेंटरों की आड़ में पनप रहे एक संगठित और संदिग्ध नेटवर्क को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। उधम सिंह नगर जनपद में बीते कुछ वर्षों में जिस तेजी से स्पा सेंटरों की संख्या बढ़ी है, उसने न केवल सामाजिक ताने-बाने को झकझोरा है बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और आंतरिक पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

शहर के मॉल, मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में खुले स्पा सेंटर अब केवल “मसाज” तक सीमित नहीं रह गए हैं। पीड़ितों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के अनुसार, कई सेंटरों में ग्राहकों के साथ अभद्रता, बदसलूकी, जबरन वसूली, मोबाइल छीनने, मारपीट और यहां तक कि बंधक बनाए जाने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

शिकायतें हैं, पर सामने आने का साहस नहीं

सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि पीड़ितों की संख्या कम नहीं, लेकिन सामाजिक बदनामी, पारिवारिक प्रतिष्ठा और भय के चलते अधिकांश मामलों में शिकायतें कभी थाने तक नहीं पहुंच पाईं। लोग लुटते रहे, पिटते रहे, अपमानित होते रहे—और स्पा संचालकों का कथित “धंधा” बेखौफ फलता-फूलता रहा।

एसएसपी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, लेकिन…

इन्हीं गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए उधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में पुलिस ने जिले में संचालित स्पा सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई। निजी संसाधनों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम को मेट्रोपोलिस मॉल के सेकेंड फ्लोर पर स्थित करीब एक दर्जन स्पा सेंटरों पर छापेमारी के निर्देश दिए गए।

लेकिन कार्रवाई से पहले ही पूरा घटनाक्रम संदिग्ध मोड़ ले बैठा।

प्राइवेट गाड़ियों से लीक हुई सूचना?

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम जब प्राइवेट गाड़ियों और अन्य निजी व्यवस्थाओं के सहारे छापेमारी के लिए रवाना हुई, उसी दौरान कार्रवाई की सूचना पहले ही स्पा संचालकों तक पहुंच गई। नतीजा यह रहा कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को न तो कोई नाबालिग लड़की मिली और न ही कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हो सकी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सूचना किसी न किसी स्तर पर निजी तौर पर व्यवस्थित संसाधनों के जरिए लीक हुई, जिससे स्पा संचालकों को तैयारी का पूरा समय मिल गया।

सील हुए स्पा सेंटर, बार में मिला नाबालिग

हालांकि परिस्थितियों और अनियमितताओं को देखते हुए पुलिस ने 6 से अधिक स्पा सेंटरों को सील कर दिया है। इसी दौरान एक नाबालिग को बार में शराब पीते हुए भी पाया गया, जिस पर बार संचालक का चालान किया गया।

एसएसपी का बयान

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि—

> “कुछ लोगों ने साहस दिखाकर अपनी पहचान गुप्त रखते हुए गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायतों में ग्राहकों से बदसलूकी, पैसा और मोबाइल छीने जाने तथा बंधक बनाए जाने जैसे आरोप सामने आए हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।”

 

उन्होंने यह भी संकेत दिए कि सूचना लीक होने के पहलू की आंतरिक जांच की जाएगी और यदि विभाग के भीतर से कोई भूमिका सामने आती है तो उस पर कठोर कार्रवाई तय है।

सबसे बड़ा सवाल—सूचना लीक कैसे हुई?

अब सबसे बड़ा और अहम सवाल यह है कि—

क्या पुलिस विभाग के भीतर कोई “विभीषण” बैठा है?

क्या हर कार्रवाई से पहले अपराधियों तक खबर पहुंच जाना महज संयोग है?

या फिर स्पा सेंटरों का यह नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि सिस्टम के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर रहा है?

कार्रवाई जरूरी, सिस्टम की सफाई उससे भी ज्यादा

यह कार्रवाई भले ही एक शुरुआत हो, लेकिन इससे कहीं ज्यादा जरूरी है सिस्टम के भीतर झांककर यह पता लगाना कि आखिर कानून की पकड़ अपराध तक पहुंचने से पहले ढीली क्यों पड़ जाती है।

देवभूमि की गरिमा, युवाओं की सुरक्षा और समाज की नैतिकता को बचाने के लिए अब केवल छापेमारी नहीं, बल्कि सूचना लीक करने वालों पर निर्णायक वार जरूरी हो गया है।

ख़बर पड़ताल पर जारी रहेगी मुहिम …

Rajeev Chawla


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