उत्तराखंड: राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हल्द्वानी शहर की हवा सबसे साफ है। बता दें की हल्द्वानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 114.69 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूब दर्ज की गई है। हालांकि मानक के हिसाब से यह शुद्धता मध्यम दर्जे की है। शुद्ध हवा का मानक 100 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूब से नीचे माना जाता है।वहीं आपको जानकर हैरानी होगी की सबसे खराब हवा ऋषिकेश की रिकार्ड हुई है। यहां एक्यूआइ स्तर 147.88 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूब है। साथ ही ये भी बता दें की राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बीते जनवरी 2023 की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला है। हालांकि अब आने वाले दो-तीन महीने में वनाग्नि और बढ़ती गर्मी के कारण वायु की गुणवत्ता को खराब होने से रोकना चुनौतीपूर्ण रहेगाप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से हवा की गुणवत्ता की निगरानी रखने के लिए आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं। इनके आधार पर साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक रिपोर्ट तैयार होती है।
बता दें की पीसीबी की ओर हाल ही में जनवरी की रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें राज्य के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर की हवा की गुणवत्ता का मापन किया गया है। बता दें की इस दौरान सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) मध्यम कैटेगरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा आपको बता दें की पार्टीकुलेट मैटर-2.5 के मामले में ऋषिकेश 76.84 और हरिद्वार में 84.79 दर्ज हुआ है, जबकि यह 24 घंटे में 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
बता दें की 2020 में कोरोना काल के दौरान लाकडाउन से हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार देखने को मिला था। बता दें की कोरोन के पहले लाकडाउन में राज्य के देहरादून 72, ऋषिकेश 54, हरिद्वार 61, काशीपुर 75, रुद्रपुर 72 और हल्द्वानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 71 माइक्रो ग्राम प्रति मीटर क्यूबिक रिकार्ड हुआ था, जबकि वही कोरोना के दूसरे लाकडाउन में देहरादून 82, ऋषिकेश 64, हरिद्वार 32, काशीपुर 78, रुद्रपुर 78 और हल्द्वानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 69 माइक्रो ग्राम प्रति मीटर क्यूबिक रिकार्ड हुआ था।
इसके अलावा आपको बता दें की राज्य के कई शहरों का एक्यूआइ (माइक्रो ग्राम प्रति मीटर क्यूबिक)कुछ इस प्रकार है 1.ऋषिकेश 147.88, 2.हरिद्वार 133.03, 3.हल्द्वानी 114.69, 4.देहरादून 127.23, 5.रुद्रपुर 119.35, 6.काशीपुर 117.75 है।
साथ ही बता दें की शून्य लेकर 50 एक्यूआइ स्तर को सेहत के लिए ठीक माना जाता है, जबकि 51 से लेकर 100 तक एक्यूआइ संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक एक्यूआइ को मध्यम, 201 से लेकर 300 को खराब, 301 से लेकर 400 एक्यूआइ स्तर को बेहद खराब और 401 से 500 तक एक्यूआइ स्तर को बेहद गंभीर माना जाता है।
रिपोर्ट- साक्षी सक्सेना