बीते दिन खबर पड़ताल द्वारा एक खबर चलाई गई थी जिसमे काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पुलिस अभद्रता के आरोप में काशीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। बता दें की अदालत द्वारा उन्हें रिहाई दे दी गई है।
बता दें की काशीपुर शहर में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को काशीपुर पुलिस द्वारा पुलिसकर्मी से फोन पर गाली गलौज और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पर पुलिस द्वारा आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक पुलिसकर्मी से अभद्रता तथा गाली गलौज कर धमकी दी जिस पर पुलिस ने अध्यक्ष पर धारा 153 ए, 186, 504, 506 आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था बीते शुक्रवार को पूरे दिन कोर्ट परिसर में गर्मागर्मी का माहौल रहा।
आपको एक बार फिर जानकारी के लिए बता दें की काशीपुर पुलिस ने काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय चौधरी को गिरफ्तार कर सिविल जज जूनियर डिवीजन करिश्मा डंगवाल की अदालत में पेश किया। अध्यक्ष संजय चौधरी पर कुंडेश्वरी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मी हरि सिंह से अभद्रता और गाली गलौज कर धमकी देने का आरोप था। जिससे सुबह से ही अधिवक्ताओं में अध्यक्ष की गिरफ्तारी को लेककर रोष व्याप्त हो गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस हमेशा उनके खिलाफ रहती है। हमारे अध्यक्ष को उनकी गरिमा खराब करने के लिए झूठा मुकदमा लगाकर न्यायालय में पेश किया गया।
वहीं पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष अध्यक्ष संजय चौधरी का रिमांड पेश किया गया। उस पर सीओ काशीपुर वन्दना वर्मा एवं इंचार्ज कुंडेश्वरी चौकी विनोद जोशी द्वारा बहस की गई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष संजय चौधरी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण तिवारी, आनंद रस्तोगी, शैलेंद्र मिश्रा, कश्मीर सिंह, राम कुमार चौहान आदि अधिवक्ताओं ने बहस की।
वहीं न्यायाधीश करिश्मा डंगवाल ने प्रपत्रों पर मौजूद तथ्यों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद पुलिस द्वारा लाया गया रिमांड खारिज कर दिया और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। इस निर्णय को सुनते ही अधिवक्ताओं में हर्ष की लहर दौड़ गई उन्होंने अध्यक्ष को साथ लेकर विजयी जुलूस निकाला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही मिष्ठान वितरण भी किया।
वहीं इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि पूरा देश कानून से चलता है। मुझे पुलिस द्वारा जबरदस्ती झूठा फंसाया गया था न्यायालय ने यह निर्णय देकर न्याय के प्रति लोगों की भावना को उजागर किया है वहीं वरिष्ठ एडवोकेट वीरेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ सोमवार को योजना बनाने की बात कही।
रिपोर्ट: साक्षी सक्सेना