दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाला चार आरोपी गिरफ्तार। 

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रुद्रपुर || नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 जनपदों में दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। उधम सिंह नगर में भी एसपी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में एसआईटी की जांच की जा रही थी। पिछले 2 माह से चल रही जांच के बाद एसआईटी द्वारा 7 शिक्षण संस्थानों ओर बिचौलियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब एसआईटी द्वारा उधम सिंह नगर में 4 बिचौलियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। जबकि 4 आरोपी फरार चल रहे है। जांच के दौरान कई नाम और सामने आए है जल्द ही एसआईटी की टीम उनकी भी गिरफ्तारी कर सकती है।
            वर्ष 2011-2012, से अद्यतन समाज कल्याण विभाग द्वारा वितरित की गयी एस0सी0/एस0टी0/ओ0बी0सी0 दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण में की गयी अनियमितता/शिकायत पर की जाॅच हेतु श्री संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक,पी0एम0, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड के पर्यवेक्षण में जनपद स्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा एस0आई0टी0 टीम का गठन किया गया।
उपरोक्त सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में एस0आई0टी0 के सदस्यों द्वारा उक्त प्रकरण की जाॅच हेतु वर्ष 2011 से 2014 तक समाज  कल्याण विभाग द्वारा वितरित की गयी दशमोत्तर छात्रवृत्ति से सम्बन्धित अभिलेख/सूची समाज कल्याण विभाग रूद्रपुर से प्राप्त की गयी व अभिलेखों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि उत्तराखण्ड राज्य के बाहर स्थित शैक्षणिक संस्थानों में जनपद ऊधमसिंह नगर के ओ0बी0सी0 वर्ग के कुल 3024 छात्रों द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त करना पाया गया,
 उक्त विश्लेषण के आलोक में छात्रवृत्ति प्राप्त करने में जसपुर तथा बाजपुर क्षेत्र के छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण 2014-2015 में वितरित की गयी छात्रवृत्ति को आधार बनाकर एस0आई0टी0 प्रभारी रूद्रपुर द्वारा जसपुर क्षेत्र की जाॅच हेतु निरी0 श्री भीम भाष्कर आर्य के नेतृत्व में तथा बाजपुर क्षेत्र की जाॅच हेतु निरी0 श्री गोविन्द बल्लभ जोशी के नेतृत्व में तथा खटीमा तथा सितारगंज विकास खण्ड क्षेत्र की जांच हेतु निरीक्षक श्री एन0एन0पन्त के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन  किया गया। जसपुर तथा बाजपुर क्षेत्रान्तर्गत निवासरत छात्र जिनके द्वारा राज्य के बाहरी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त की प्रथम दृष्टया जांच में जसपुर क्षेत्र की जांच में निम्न शिक्षण संस्थानों के द्वारा छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता पायी गयी के विरूद्ध थाना जसपुर तथा थाना बाजपुर में निम्न अभियोग पंजीकृत किये गये। जिनकी विवेचना क्रमशः- वरिष्ठ उप निरीक्षक जसपुर श्री ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ उप निरीक्षक बाजपुर श्री महेश चन्द्र काण्डपाल द्वारा की जा रही हैं।
वरिष्ठ उप निरीक्षक श्री ललित मोहन जोशी द्वारा चारों शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत दर्शाये गये करीब 80 छात्रों से पूछताछ की गयी व उनके बयान अकिंत किये गये तथा समाज कल्याण विभाग से अभियोग से सम्बधित छात्रवृत्ति आवेदन फार्म प्राप्त कर छात्रो के बयानों का अवलोकन व दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि मध्यस्त *दिग्विजय सिहं, कमलजीत सिहं* द्वारा क्षेत्र विभिन्न क्षेत्रों में अपने-अपने एजेण्ट लगाकर स्थानीय छात्रों को धोखे में रखकर व उन्हे सरकारी योजना बताकर उनके शैक्षणिक, जाति, स्थायी निवास, आय प्रमाण पत्र, छात्र का फोटोग्राफ प्राप्त करते थे, सामान्य वर्ग के छात्रों को ओबीसी में दर्शाकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र तैयार करते थे, तथा उन प्रमाण पत्रों को. धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू पुत्र सुन्दर सिहं निवासी धीमरखेड़ा, 2. उदयराज पुत्र शान्ति प्रसाद निवसी बरखेड़ा पाण्डे, 3. इरसाद पुत्र बाबू खाॅ निवासी बरखेड़ा पाण्डे* को उपलब्ध कराते थे। इन तीनों की पहचान जिला समाज कल्याण विभाग के कतिपय कर्मचारियों के साथ तथा शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधक/ स्वामी के साथ है के सांठ-गांठ कर छात्रों को फर्जी कूटरचित प्रवेश फार्म भरकर तथा कूटरचित छात्रवृत्ति आवेदन फार्म भरकर समाज कल्याण विभाग से छात्रों के नाम से छात्रवृत्ति आहरित करायी गयी प्रकाश में आने पर दिनांक 01.11.2019 को वरिष्ठ उप निरीक्षक श्री ललित मोहन जोशी के द्वारा अभियोगों में नामजद अभियुक्त 1. दिग्विजय सिहं पुत्र कौशल सिहं निवासी पंजाबी कालोनी जसपुर, 2. उदराज सिहं पुत्र शान्ति प्रसाद निवासी बरखेड़ा पाण्डे थाना आई0टी0आई0 जिला ऊधमसिहंनगर को पतरामपुर बढ़ईयोंवाला जसपुर से गिरफतार किया गया।
अभियुक्त उदयराज सिहं पूर्व में काशीपुर क्षेत्रान्तर्गत चेतन कंसलटेन्सी नाम से बी0एड0 व बी0पी0एड0 कोर्स कराने हेतु फर्म संचालित करता था तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपने एजेण्ट तैयार कर उनके माध्यम से क्षेत्र के छात्रों से दस्तावेज एकत्रित करता था तथा एकत्रित दस्तावेजों को धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू पुत्र सुन्दर सिहं निवासी धीमरखेड़ा को देता था। धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू समाज कल्याण विभाग के कतिपय अधिकारी/ कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर फर्जी कूटरचित प्रवेश दर्शा कर छात्रवृत्ति आहरित कराता था। इस प्रकरण का मास्टर माइण्ड धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू का होना प्रकाश में आया। इसी प्रकार वरिष्ठ उप निरीक्षक श्री महेश काण्डपाल द्वारा तीनों शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत दर्शाये गये करीब 75 छात्रों से पूछताछ की गयी व उनके बयान अकिंत किये गये तथा समाज कल्याण विभाग से अभियोग से सम्बधित छात्रवृत्ति आवेदन फार्म प्राप्त कर छात्रो के बयानों का अवलोकन व दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया तो पाया कि मध्यस्त *राजेन्द्र उर्फ राजु पुत्र छुट्टन निवासी बैरिया दौलत, तथा धर्मेन्द्र सैनी एवं धर्मेन्द्र पुत्र हरि सिहं निवासीगण सुल्तानुपर पट्टी* द्वारा स्थानीय छात्रों से यह कहकर कि सरकार द्वारा ओ0बी0सी0, एस0सी0, एस0टी0 के छात्रों हेतु कई कोर्सेज कराने की योजना आरम्भ की है तथा कई स्कीमें बताकर छात्रों से शैक्षणिक, जाति, स्थायी निवास, आय प्रमाण पत्र, छात्र का फोटोग्राफ प्राप्त किये व प्राप्त दस्तावेजों को इनके द्वारा *गुड्डू उर्फ इरसाद पुत्र बाबू खाॅ निवासी बरखेड़ा पाण्डे को दिये तथा गुड्डू उर्फ इरसाद द्वारा मध्यस्थों से प्राप्त दस्तावेजों को धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू पुत्र सुन्दर सिहं निवासी धीमरखेड़ा को दिये तथा विवेचना से यह भी विदित हुआ कि धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू के सम्बन्ध समाज कल्याण विभाग में कार्यरत कतिपय अधि0/कर्म0 तथा शिक्षण संस्थानों में थे समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर धीरेन्द्र उर्फ बिल्लू ने समाज कल्याण विभाग से छात्रों के नाम छात्रवृत्ति के चैक आवंटित कराये तथा उन चैकों को एजेण्ट राजेन्द्र उर्फ राजु पुत्र छुट्टन निवासी बैरिया दौलत, तथा धर्मेन्द्र सैनी एवं धर्मेन्द्र पुत्र हरि सिहं निवासीगण सुल्तानुपर पट्टी, गुड्डु उर्फ इरसाद को देकर उक्त एजेण्टो को छात्रो के साथ बैकों में भेजकर एजेण्टो की उपस्थित में छात्रों से चैक द्वारा पैसे निकलवाये उन्हे यह कहकर कि तुम्हारे खातो में तुम्हारे कोर्स की छात्रवृत्ति सात से दस हजार रूपये के अलावा अन्य छात्रो की छात्रवृत्ति आयी है शेष छात्रवृत्ति का लगभग 40000 रूपये प्रति छात्र एजेण्टो द्वारा अपने पास रखा गया प्रकाश में आने पर विवेचक द्वारा अभियुक्त राजेन्द्र उर्फ राजु पुत्र छुट्टन निवासी बैरिया दौलत, गुड्डु उर्फ इरसाद पुत्र बाबू खाॅ निवासी बरखेड़ा पाण्डे को दोराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। चारो आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया गया है। वही मामले में चार अभियुक्त फरार चल रहे है। गिरफ्तार आरोपी में से एक आरोपी मौजूदा समय मे शिक्षक भी है। जबकि एक आरोपी के पास से एसडीएम बाज़पुर की फर्जी मुहर भी बरामद हुई है।

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