आम बजट पर आम खास की राय

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नैनीताल/उधम सिंह नगर ।। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आज वित्त मंत्री सीता रमण द्वारा संसद में रखा गया। जिसको लेकर अब राजनीतिक दल व अधिवक्ताओं की राय आने लगी है। कैसा रहा मोदी 2 के कार्यकाल का पहला बजट लोगो की जुबानी…

गणेश उपाध्याय

डॉ गणेश उपाध्याय पूर्व सलाहकार उत्तराखंड सरकार ने मोदी सरकार को निराशजनक बताया है उन्होंने कहा कि आम बजट मे आम आदमी और किसानो को कोई राहत नहीं। पैट्रोल डीजल, सोना, चांदी, ऑटो पार्टस मंहगा कर दिया गया। सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बजट पेश किया है। आत्महत्या करने वाले किसानों के लिए बजट में कोई रिवाल्विंग फंड नहीं। बजट अमीर उद्योगपतियों को केंद्र में रखकर बनाया गया और देश भर के गरीब किसान अन्नदाता अब भगवान भरोसे।

डॉ कैलाश पांडे

कामरेड डॉ. कैलाश पाण्डेय,
जिला सचिव, भाकपा माले ने कहा कि “पुनर्वापसी के पश्चात मोदी सरकार का पहला बजट बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला मालूम पड़ता है। इससे यह आशंका सही साबित हो गई है कि यह सरकार ‘नाम आम जनता का और काम अमीरों का’ के सूत्र पर चल रही है। पेट्रोल डीजल समेत तमाम उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम जनता महंगाई की और ज्यादा मार झेलने को मजबूर होगी। मजदूर, किसानों, बेरोजगारों और महिलाओं को इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है। उत्तराखंड राज्य के परिप्रेक्ष्य में देखें तो आम बजट यहाँ की बुनियादी समस्याओं पर पूरी तरह मौन है।
कुल मिलाकर मोदी सरकार का यह आम बजट तात्कालिक और दूरगामी लक्ष्य दोनों में ही पूजीपतियों के पक्ष में और निजीकरण को बढ़ावा देने वाला है।”

दीपक सिंह

वही दीपक सिंह बिष्ट अधिवक्ता इनकम टैक्स ने बताया की केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जहां अमीरों पर बोझ बढ़ाया है तो वहीं मध्यम वर्ग की और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के प्रयास किए हैं, केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर इनकम टैक्स के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक सिंह बिष्ट का कहना है कि सरकार ने इस बार टैक्स स्लैब तो नहीं बढ़ाया लेकिन डीजल और पेट्रोल पर ₹1 टैक्स लगाया है जिसका असर महंगाई पर पड़ सकता है इसके अलावा, 45 लाख तक के घर खरीदने पर ब्याज पर 3.5 लाख तक छूट मिलेगी, इसके अलावा पेनकार्ड न होने की स्थिति में आधार कार्ड के जरिए इनकम टैक्स रिटर्न भरा जा सकता है और बैंक में 1 साल में एक करोड़ की निकासी होने पर 2% टीडीएस काटा जाएगा और जिनकी सालाना कर योग्य आय ₹5 लाख से कम है उन्हें इनकम टैक्स से पूरी राहत मिलेगी।

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